अंतर्राष्ट्रीय समूह: "मोहम्मद महफ़ूज़" सऊदी शिया लेखक और शोधकर्ता का मानना है:धार्मिक मतभेद किसी भी सूरत में दूसरों के अधिकारों पर हमला, इस्लामी धर्म के अनुयायियों के खिलाफ भेदभाव और उन्हें समाज से अलग करदेने,को औचित्य नहीं करता है.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, न्यूज नेटवर्क उद्धृत "Rasd,के हवाले से, "मोहम्मद महफ़ूज़" ने इस बारे में कहा:कि सऊदी समाज में शांतिपूर्ण ऐव मिल जुल कर रहने के लिऐ सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर विचार किया जाना चाहिए और वह यह है कि धार्मिक मतभेद और मानव अधिकार दोनो एक दूसरे से अलग होना चाहिऐ हैं.
उन्होंने इस तरफ़ इशारा किया कि यह मतभेद दूसरों के अपमान को सही नहीं साबित करता है, और कहा: धर्म,जातीयता मेंअंतर दूसरों पर अत्याचार, अन्याय और अधिकार के दुरुपयोग का कारण नहीं होना चाहिए.
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