कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, उद्धृत aksam के हवाले से,यह सम्मेलन तुर्की की गतिविधियों के रूप में धर्मों के बीच वार्ता संस्कृति और विभिन्न संस्कृतियों को बढ़ावा देने के लिऐ आयोजित किया गया था ईसाई और मुस्लिम विचारकों ने धर्म और आधुनिक जीवन और दोनो के बीच संबंधों के बारे में बात की.
हार्वे Kukës ने भी सैय्यद हुसैन नस्र की बात को जारी रखते हुऐ कहा: द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पश्चिम में आधुनिकता ज़वाल की ओर चल पड़ी वह आधुनिकता जो चार सौ साल तक पश्चिम की हुक्मरानी मे बढ़ रह थी आज मर रही है और यह पतन ऐवं गिरावट,उन देशों की वजह से नही जो पश्चिम के अंतर्गत हैं बल्कि यूरोप के भीतर से पैदा होरही है.
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