अंतर्राष्ट्रीय समूह: इमाम (र.अ.)एक अनुभवी राजनीतिक नेता और देश के मामलों में मुदब्बिर प्रबंधक के रूप में मरजईय्यत के मसले में पारंपरिक सोच में परिवर्तन कर दिया और इसलिए इमाम खुमैनी (र.अ.) के विचारों में मरजा को मुसलमानों के लिए मामलों को परिभाषित करने और फतवा देने के अतिरिक्त इस्लामी देशों के मामलों के पर्यवेक्षण का भी अधिकार है.
Mostafa अब्बास ईरानी मामलों में एक कुवैती शोधकर्ता और राजनीतिक कार्यकर्ता ऐवं विशेषज्ञ ने कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ एक साक्षात्कार में इमाम खुमैनी (र.अ.)की वफ़ात की के सालगिरह के मार्जिन और एक सवाल, इस्लामी न्यायशास्त्र के सक्रियण में इमाम खुमैनी (आर ए) की भूमिका के जवाब में कहाः इमाम खुमैनी (आर ए)एक मानव विद्वान और न्यायशास्त्र थे फल्सफा और रहस्यवाद को अच्छी तरह जानते थे और ऐक बड़ी भूमिका जामिद इज्तेहाद को मुतहर्रिक इज्तेहाद में बदलने में रखते हैं और इमाम समय और जगह के बारे में जो समझ रखते थे उसके माध्यम से धार्मिक स्कूलों और हौज़ों मे सोच और विधिवेत्ता में बदलाव पैदा कर दिया.
मुस्तफा अब्बास ने अंतिम बातचीत मं कहा: इमाम खुमैनी (आर ए) लगातार जोर देते रहते कि मुसलमान, त्योहारों और मुनासिबतों जैसे Hajj वग़ैरा पर सम्मेलनों और संयुक्त बैठकों के ज़रये मुसलमानों में अधिक एकता और इस्लाम के दुश्मन और उनके षड्यंत्र के अपमान की कोशिश करते रहना चाहिए.
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