IQNA

गाजा की घेरा बंदी तोड़ना हमारा धार्मिक और शरई अनिवार्य है

7:10 - June 08, 2010
समाचार आईडी: 1935828
अंतरराष्ट्रीय समूह: सूडान के इस्लामी न्यायशास्त्र विधानसभा ने एक बयान जारी किया गाजा पट्टी पर इसराइल की तरफ से घेराबंदी तोड़ना हमारा धार्मिक आस्था और अनिवार्य है की घोषणा की
कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) ने साइट जानकारी मोहीत के अनुसार बताया कि सूडान की इस्लामी न्यायशास्त्र विधानसभा ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रों और अरबी और इस्लामी देशों से चाहता हूं कि गाजा में मानवीय सहायता ले जाने वाले जहाजों पर इजरायल के हमले का विरोध करें और इसराइल के साथ राजनैतिक संपर्क संबंधों और उनके प्रतिबंधों के सभी पहलुओं का बहिष्कार करें
इस कथन में: गाजा की आजादी के कारवां के हमले में इजरायली सेना का कदम भूमध्य सागर में चोरी की एक किस्म है.
बयान में उल्लेख किया गया है कि गाजा की घेराबंदी धार्मिक मूल्यों के खिलाफ है और अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार और इस्लामी देशों के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लक्ष्य को इजरायल के क्षेत्र में और समझौता ज्ञापनों उम्मते इस्लामी के अलगाव और उनको जुदा करना गाज़ा और फिलीस्तीन का मुद्दा है
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