राजनीतिक और सामाजिक समूह: इस्लामी तौहीद नेतृत्व आंदोलन परिषद लेबनान के प्रमुख ने 11 जून को ऐक बयान जारी कर के, ईरान के खिलाफ सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव हमारे देश के प्रतिबंधों में वृद्धि की जोरदार निंदा की.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) शाखा लेबनान के अनुसार, में, शेख Hashem Minqarah ने इस बयान में कहा: कि ईरान के खिलाफ नया सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव, यहूदी शासन की नीतियों का साथ देने यानि अरबी और इस्लामी देशों की घेराबंदी करने के उद्देश्य से अधिक मतों से मंजूर किया गया है.
इस्लामी तौहीद आंदोलन कमान परिषद लेबनान के प्रधान ने जारी बयान में फ़रमाया हर कोई जानता है कि अमेरिका की क्षेत्र में विदेश नीति इजरायल का समर्थन करने के लिए है जबकि आज गाजा स्वतंत्रता बेड़े पर इजरायल के क्रूर हमले ने दुनिया को चकित कर दिया है, यू.एस.ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को अंतरराष्ट्रीय रुख़ देने का प्रयास कर रहा हैं
यह बात उल्लेखनीय है कि इस्लामी गणराज्य ईरान द्वारा अपनाऐ गऐ दृष्टिकोण जो विशेष रूप से हाल के तेहरान बयान से पता चलता है और सुरक्षा परिषद में आईएईए के निरीक्षकों द्वारा कई बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शांति पूर्ण कहने बावजूद सुरक्षा परिषद एक राजनीतिक दांव अपनाते हुऐ संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगी दलों के दबाव में आकर पिछले हफ्ते बुधवार 9 जून को ऐक बैठक में जो ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों को लागू करने के पक्ष बुलाई गई थी 12 वोटों की सहमति दो वोट खिलाफ और एक abstentions के साथ बिना इजमा के इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों को कठोरता से पारित कर दिया जिस से बहुत से देशों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है और तुर्की, ब्राजील ने सुरक्षा परिषद की इस कार्रवाई को एक गलती बताया है. 595667