कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, साइट जानकारी "Nsyj, के हवाले से, मक्का में विद्वानों ने ऐक बयान जारी करके घोषणा की: कि इस्लामी मूल्यों की रक्षा सबसे बड़ा वाजिब है और धार्मिक मुद्दों में ग़लत फ़तवे प्रदान करना नबूव्वत और इस्लाम धर्म के नूरे को बुझा देने ऐवं अज्ञानता और नादानी को व्यापक करने जैसा है.
इस कथन में आया है: दुर्भाग्य से, हाल ही में सऊदी अरब में कुछ लोगों ने अपने को ज्ञान और फतवा देने में आधिकारिक जानने लगे हैं, धार्मिक ग्रंथों और धर्म के सामान्य नियमों के विपरीत ग़लत फतावे और विचारों को प्रदान किया है.
मक्का के विद्वानों ने इस बयान में बताया कि,इन फतवों को ज़ाहिर करना, धार्मिक फ़साद व डिवीजनों का कारण है, धार्मिक विद्वानों और अधिकारियों से अपील की ह कि ऐसे विज्ञान के दावेदारों और फतवा जारी करने वालों की गतिविधियों को रोकें,और परीक्षण न्यायालय में उनकी अज्ञानता और पथभ्रष्ट के लिए साबित करें.
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