कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, एक सऊदी अखबार "अल वतन" के हवाले से, "मोहम्मद अबू-लैला" प्रोफेसर अल अजहर विश्वविद्यालय, नमाज़े जुमा की Imamat सुश्री राहेल रजा "ऐक मुस्लिम महिला कनाडा की लेखक और पाकिस्तानी नजाद" द्वारा करने को नकार दिया और कहा कि अनुमति नहीं है कि महिलाऐं पुरुषों के लिए इमाम जमात हों और शुक्रवार की नमाज के ख़ुत्बे दें.
"सालिम अब्दुल जलील" मिस्र के endowments और इस्लामिक मामलों के उप मंत्री ने इस संबंध में घोषणा की: महिलाऐं केवल महिलाओं के लिए के शुक्रवार की नमाज के अलावह इमामत कर सकती हैं और एक औरत के लिए शुक्रवार की नमाज की इमामत की अनुमति नहीं है.
इस पाकिस्तानी नजाद मुस्लिम महिला ने मीडिया साक्षात्कार में घोषणा की: "मैं वास्तव में एक इमामे जुमा नहीं हूं, लेकिन इस काम से नमाज़ पढ़ने वालों को केवल यह बताना चाहती हूं कि इस्लाम के अनुयायियों के बारे में 50 प्रतिशत महिलाएं भी हैं!
596991