अंतर्राष्ट्रीय: समूह "अली अलमालिकी" सउदी धार्मिक विचारक और सलाहकार और सुलह समिति राजधानी रियाद के सदस्य, ने, सऊदी विद्वानों की काउंसिल पर मुसल्मानों के अविश्वास की ओर इशारा किया.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, कुवैत अख़बार "अल वतन" के हवाले से, अली अल मालिकी ने इस बारे में कहा: कैओस और सऊदी विद्वानों की परिषद और मुफ्तियों द्वारा जारी फतवे के कारण संकट और प्रविष्टि की वजह से इस परिषद अपनी विश्वसनीयता और स्थिति को हाथ से खो दिया है.
उन्होंने कहा, सऊदी उलमा के कुछ फ़तवे जैसे संगीत को मुबाह करना, जादू को जाऐज़ बताना और कहा: सऊदी मौलवियों की कौंसिल ने इन मुद्दों को जो मुसलमानों और दुनिया के लोगों के लिए कोई मूल्य नहीं रखते खारिज करने के लिऐ कोई बयान जारी नहीं किए हैं.
अल मालिकी ने अंत में सउदी सरकार के अधिकारियों से अपील की कि ऐसे मुफ्तियों और साहेबाने हवा व हवस की गतिविधियों को उपग्रह नेटवर्क और साइट जानकारियों से जो भगवान की ओर निमंत्रण का दावा करतें हैं बंद किया जाऐ.
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