कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) इस्लामी संस्कृति और संबंध संगठन शाखा के अनुसार, "अली बाख़्तियारी" जाम्बिया में ईरान के सांस्कृतिक केंद्र के प्रमुख ने समारोह में जो शिया और सुन्नी आप्रवासी और देशी मुसलमानों की उपस्थित में आयोजित हुआ बोलते हुए सुरा Nahl आयत 36 की ओर इशारा किया, «وَلَقَدْ بَعَثْنَا فِی كُلِّ أُمَّةٍ رَّسُولًا أَنِ اعْبُدُواْ اللّهَ وَاجْتَنِبُواْ الطَّاغُوتَ فَمِنْهُم مَّنْ هَدَى اللّهُ وَمِنْهُم مَّنْ حَقَّتْ عَلَیْهِ الضَّلالَةُ فَسِيرُواْ فِی الأَرْضِ فَانظُرُواْ كَیْفَ كَانَ عَاقِبَةُ الْمُكَذِّبِينَ» " और कहा कि बेसते अंबिया का सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य लक्ष्य अल्लाह की इबादत की ओर आमंत्रित करना और ताग़ूत की पैरवी से मना करना था और ध्यान कराया:कि भगवान ने हर उम्मत के लिऐ उन्हीं के बीच उन्हीं की भाषा में अपना दूत भेजा ता कि इस मुहिम को पूरा कर सके.
बाख़्तियारी ने अपने भाषण में प्रिय पैगंबर इस्लाम (PBUH) के व्यक्तित्व के आयाम को बयान किया और कुरान को पैगंबर (PBUH) की पहचान के लिऐ सबसे अच्छा स्रोत बताया.
हमारे देश की सांस्कृतिक प्रमुख ने भाषण के अंत में Rasoul (PBUH) के अन्य विशेषताओं की ओर, जिसे कुरान ने गिनाया है जैसे नबी करीम (PBUH)का अच्छा स्वभाव और सहिष्णुता, इशारा किया.
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