मानद संवाददाता समूह / मेहदी Jafari: Hojjatoleslam Alireza Pnahyan, हौज़ऐ इल्मियह के प्रोफेसर ने मानव जीवन में अंत बख़ैर मुद्दे के महत्व का जिक्र करते हुऐ कहा: Amiralmomenin (PBUH) जीवन के अंतिम क्षणों तक थे अपने अंत बख़ैर के लिए चिंतित थे.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA),के मानद संवाददाता क़ुम के मुताबिक़, Hojjatoleslam Alireza Pnahyan " कल रात को हजरत Masumeh (SA) के पवित्र रौज़े में इमाम खुमैनी (र.) शबिस्तान हाल में, शाबे क़द्र की फ़ज़ीलतों चर्चा करते हुए कहा:इस रात में एक मुख्य और सबसे महत्वपूर्ण प्रार्थना आक़ेबत बख़ैर की प्रार्थना है, क्योंकि इस रात आदमी के मुक़द्द्रात और पूर्वनिर्धारण सेट और निर्धारित होते हैं.
प्रोफेसर ने कहा Amiralmomenin ने जीवन के अंतिम क्षणों तक आक़ेबत बख़ैर की चिंता उन्हों ने कहा: आप ने जब ज़र्बत खाई अर्थात् कहा परमेश्वर, मैं खुश हूँ कि अपने ईमान में विश्वास रखता हूं और मुसल्लऐ नमाज़ पर हूं तुझसे मिलने के लिए आरहा हूं.
Pnahyan ने इसी तरह दिलों में भगवान के प्यार में वृद्धि और अंतिम ज़माने में लगातार फ़ितनों से दूर रहने को आक़ेबत बख़ैर की चिंताओं का उल्लेख करते हुऐ कहा: हालांकि कई मुहिब्बाने अहलेबैत (अ.) लगातार फ़ितनों में अपने धर्म से पलट जाते हैं, लेकिन जो अपनी आक़ेबत बख़ैर से चिंतित रहते हैं इन फ़ितनों से गुज़र जाते हैं.
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