अंतर्राष्ट्रीय समूह: "महमूद Ashour, अल अजहर के पूर्व सहायक और विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध टीचर,ने अपने भाषण में बल दिया:मुसलमानों की वर्तमान स्थिति और पवित्र कुरान से उनका दूर रहना संयुक्त राज्य अमेरिका में क़ुरान जलाने के अपराध और इस पवित्र किताब के अपमान की त्रासदी की तुलना में अधिक है.
कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के मुताबिक, समाचार एजेंसी "इबा" के हवाले से, महमूद Ashour काहिरा में सम्मेलन "इस्लामी प्रतीक अभिषेक और उपेक्षा के बीच"में बोलते हुऐ जोर दिया: हम मुसलमानों के रूप में,भी कभी कभी कुरान को जला देते हैं और यह उस वक़्त जब कुरान गलत प्रकाशित होजाऐ, तो सवाल कुरान के जलाने का नहीं है, बल्कि खतरनाक समस्या, मुसलमानों की वर्तमान स्थिति और कुरान की शिक्षा से उनकी दूरी है.
अल अजहर विश्वविद्यालय के पूर्व वकील ने कहा: कुरान की शिक्षाऐं हमारे नैतिकता, आचरण और व्यवहार में व्यावहारिक होना चाहिए, और यह दिव्य पुस्तक एक वस्तु, सजावट और डेकोरेट के लिऐ नहीं इस्तेमाल की जाऐ, और उसकी आयतें केवल मोबाइल फोन रिंगटोन के रूप में इस्तेमाल हों, यह काम कुरान की गरिमा के विपरीत है.
658803