अंतर्राष्ट्रीय समूह: 'भारत में इस्लामी अर्थशास्त्र, उत्पादन, संस्थाऐ, और कानून " पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, कल, 4 अक्टूबर,को भारत केरल राज्य के कोच्चि शहर में समाप्त हो गयी.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, साइट जानकारी « Express Buzz »के हवाले से, यह सम्मेलन इस्लामी विश्वविद्यालय भारत के प्रयास और जेद्दा इस्लामिक रिसर्च और प्रशिक्षण संस्थान के साथ सहयोग से होटल Mrydyan "कोच्चि शहर में इस्लामी बैंकिंग प्रणाली को अधिक समझने के उद्देश्य से आयोजित की गई.
कृष्णा आऐर, एक भारत उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा: "इस्लामी बैंकिंग सिद्धांत जिसने सूद लेने पर प्रतिबंध लगा दिया, मानवीय सिद्धांतों पर आधारित हैं और इस्लामी बैंकिंग और अर्थशास्त्र के खिलाफ जो गलत स्टैंड हैं चाहिऐ कि ख़त्म हो.
उन्होंने कहा: "इस्लामी बैंकिंग, अधिक उत्पादन का समर्थन करेता है जो समृद्धि में वृद्धि का सबब है और एक यही नैतिक बैंकिंग है
अब्दुर्राग़िब, इस्लामी अर्थशास्त्र केंद्र भारत में राष्ट्रीय इस्लामी बैंकिंग समिति के जनरल सचिव ने इस सम्मेलन में कहा: "इस्लामी बैंकिंग सर्फ़ मुसलमान के लिए नहीं है बल्कि इस प्रणाली का उपयोग सभी देश कर सकते हैं.
उन्होंने कहा:इन हालात में ब्याज मुक्त बैंकिंग वैश्विक जरूरत है इसी कारण कई गैर इस्लामी देशों ने इस्लामी बैंकिंग प्रणाली और अर्थव्यवस्था की ओर रुख़ किया है.
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