IQNA

शेख अल अजहर ने शियों के काफ़िर होने को अस्वीकार कर दियाः

8:39 - October 17, 2010
समाचार आईडी: 2013916
अंतरराष्ट्रीय समूह: " अहमद अत-तय्यब, शेख अल अज़हर, ने कुछ उपग्रह नेटवर्क की कार्रवाई शियाओं को काफ़िर कहने को खारिज कर दिया, और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य शियाओं और सुन्नियों के बीच अंतर पैदा करने से राजनीतिक लाभ हासिल करना जाना.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, जानकारी साइट "Msravyh"के हवाले से, लेबनान के समाचार पत्र "Alnhar" के साथ एक साक्षात्कार में "अहमद अत-तय्यब"ने जो 15 अक्टूबर, जारी किया गया था, बल दिया: कोई औचित्य और कारण कुरान और सुन्नते पैगंबर (PBUH).में शियाओं के काफ़िर होने के नही हैं.

उन्होंने कहा: शियाओं को काफ़िर कहने का उद्देश्य शियाओं और सुन्नियों के बीच अंतर व विद्रोह डालना और प्रेरण इन मतभेदों से राजनीतिक लाभ उठाना है कि जिस तरह चार धार्मिक न्यायशास्त्र के अनुयाईयों के बीच हुआ है.

शेख अल अज़हर ने इस बातचीत को जारी रखते हुऐ घोषणा की कि "हमारे (सुन्नी)और शिया के बीच सभी मतभेद Imamat मुद्दे में है और कहा: हम शियों के पीछे नमाज़ पढ़ सकता हूं और उन अफवाहों के विपरीत है जो फैलाई गई हैं, शिया, सभी इस्लामी धर्मों के अनुयायियों की तरह ऐक कुरान रखते हैं.

अहमद ने इस बात की ओर इशारा करते हुऐ कि पहले चरण में अजहर का कर्तव्य, इस्लामी एकता और मुसलमानों को एक परिप्रेक्ष्य में ijtihad में फर्क के बा वजूद इकट्ठा करना है ऐवं कहा: "मैं कहीं भी यात्रा कर सकता हूं जहां मुसलमान हैं, और यदि इराक जैसे देश की यात्रा करूं यकीनन नजफ की यात्रा करूंगा और मुझे आशा है कि यह यात्रा नई इराकी सरकार के गठन के बाद हल हो जाएगी.
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