ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, साइट जानकारी «alqubanchi»के हवाले से "सै.सद्रुद्दीन Qbanchy, ने 15 अक्टूबर को नजफ में शुक्रवार की नमाज उपदेश में, इस ख़बर को घोषित करते हुऐ कहा: यहूदी शासन ने वार्ता मे प्रवेश करने और आबादकारी को रोकने के लिए ऐक नई शर्त की घोषणा की है यानि यहूदी शासन वैध सरकार के रूप में क़ुबूल करें कि यह शर्तें बहुत अश्लील ऐवं ना पसंद है.
उन्होंने कहा: "कोई भी अरबी और इस्लामी देश अधिकार नही रखता कि क़ाबिज़ इजरायल को सरकारी मान्यता की पहचान दे, हम आबादकारी रोकने या कुछ और के सामने इजरायल को सरकारी मान्यता देने को अस्वीकार करते हैं.
नजफ शुक्रवार की नमाज में दूसरे ख़ुत्बे में 11 Zyalqdh, इमाम रज़ा (अ.स.) की जन्म दिवस की सालगिरह की ओर इशारा किया और देबल ख़ज़ाई कविऐ अहलेबैत के Qaside की कुछ बैत अइम्मऐ अतहार की मदह में जो इमाम रज़ा अ. की उपस्थित में Mamoon के महल में पढ़ा था, सुनाईं.
इसके अलावा, " अब्दुल महदी Alkrblayy, कर्बला में अयातुल्ला Sistani के प्रतिनिधि और शुक्रवार प्रार्थना के उपदेशक ने इस शहर में, कल, इराकी राजनीतिक आंदोलनों और दलों को इराक में एक नई सरकार के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने और समझने व बातचीत करने की अपील की.
उन्होंने अपने भाषण में बल दिया: इराक समस्याओं का हल अपने इराक में अकेले बातचीत के जरिए किया जाएगा और यह बातचीत कानूनी सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए.
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