ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, जानकारी आधार "मुहीत" के हवाले से, शिमोन Peres, यहूदी ग़ासिब शासन के राष्ट्रपति ने शासन के अस्तित्व की बक़ा को अमेरिकी सहायता का क़रज़दार जाना और कहा: अमेरिका के बिना हम अपने जीवन को जारी नहीं रख सकते हैं और हमारे अस्तित्व की बक़ा इस देश के साथ हमारी निरंतर दोस्ती को जारी रहनी की आवश्यकता है.
यरूशलेम में एक सम्मेलन में वह बोल रहे थे, दावा किया:यह शासन फिलिस्तीनियों के साथ अपने झगड़े को समाप्त करके और अमेरिका के साथ निकट संबंध बना कर ईरान के खिलाफ एक संयुक्त संघर्ष मोर्चा बना सकत है.
अपने भाषण के दूसरे भाग में Peres नोट कराया: अमेरिका हमें जो दिया हम उसे वापस नहीं कर सकते लेकिन इस रास्ते में संयुक्त राज्य अमेरिका की मदद की जा सकती.
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