राजनीतिक समूह: अहमदीनेजाद ने, पिछली रात 30 अक्तूबर को, एक लाइव टीवी साक्षात्कार में कहा: आज क्रांतिकारी विचार और परमात्मा के मूल्यों के जवान होने से संसार से करीब हो रह हैं, अगर इस्लामी क्रांति की सोच जैसे कि है,वैसे ही व्यापक और संस्थागत हो, तो बदमाश शक्तियों के लिए दूसरी जगह बाकी नही रहेगी.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, साइट जानकारी राष्ट्रपति के हवाले से, महमूद अहमदीनेजाद 30 अक्तूबर रात को लाइव टीवी साक्षात्कार में एक सवाल, लेबनान में ईरान के प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति पर लेबनान में लोगों और महत्वपूर्ण शख्सियतों के स्वागत और उन मीडिया के जो विश्व अहंकार और यहूदिों से संबद्धित हैं ऐतिहासिक यात्रा से वहशत के कारण, के जवाब पर उन्होंने कहा: प्रकाश और दया की इस्लामी क्रांति नूर और मानवता के ज़ुहूर, और इतिहास में एक काले युग के अंत की घोषणा थी.
राष्ट्रपति ने इस्लामी क्रांति को माद्दी शासन की सोच का अंत जाना और कहा: गुलामीका, दुश्मनी, राषट्रों को अपमानित करना, गरीबी और वर्ग दूरी का दौर,यह सब इस लिऐ था क्योंकि इंसान अपनी पहचान से दूर होगया था और ईरान की इस्लामी क्रांति मानव की वास्तव में सुंदरता के सिद्धांत, प्यार और दोस्ती की ओर वापसी है.
अहमदीनेजाद ने कहा: आज क्रांतिकारी विचार और परमात्मा के मूल्यों के जवान होने से संसार से करीब हो रह हैं, अगर इस्लामी क्रांति की सोच जैसे कि है,वैसे ही व्यापक और संस्थागत हो, तो बदमाश शक्तियों के लिए दूसरी जगह बाकी नही रहेगी.
अहमदीनेजाद ने कहा: ईरानी राष्ट्र का मोटर चल पड़ा है और जब एक राष्ट्र अपने में विश्वास को जगा ले और उसको जीत ले, वह भी ईरानी राष्ट्र अपने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और दिव्य प्रतिभा के साथ,फिर तो गतिशीलता और तीग्रिता का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता,इस लऐ 1404 (ईरानी सा)में एक दूसी दुनिया होगी,जिसकी तुलना यथास्थिति से नही की जासकती है यानि 15 साल बाद ईरान दुनिया में एक और स्थान पर होगा.
राष्ट्रपति ने कहा, "आज कहा जाता है दुनिया में दो शक्तियां बनाम अमेरिका और ईरान हैं, लेकिन फिर उस समय सारी बातें अलग हो सकती है और ईरान सभी लेहाज़ से उस मुक़ाम पर होगा कि दूसरों के साथ तुलना नही हो सकती, यूरोप और अमेरिकी लोग अपने ऊपर विश्वास और भविष्य में कोई उम्मीद नहीं रखते है लेकिन ईरानी राष्ट्र प्रेरणा और आशा से भरा है.
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