अंतरराष्ट्रीय समूह: "सैयद सद्रुद्दीन Qbanchy, इमामे जुमा नजफ़े अशरफ़,ने रोज़े अरफ़ा के महत्व और मूल्य तथा इस महान दिन पर हरमे मुतह्हर अबा-अब्दिल्लाहिल हुसैन (PBUH)की ज़ियारत पर बल दिया.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, जानकारी साइट "Alqbanchy"के हवाले से, "सैयद सद्रुद्दीन Qbanchy ने शुक्रवार की नमाज उपदेश में 12 नवंबर को, Hosseinieh " Alfatmyh" नजफ इस ख़बर की घोषणा करते हुऐ कहा: अहलेबैत(अ.स.) की मज़बूत रवायात के आधार पर भगवान रोज़े अरफ़ा इस से पहले कि अहले अरफ़ा पर नज़र डाले इमाम हुसैन (अ.स.) के पवित्र रौज़े के तीर्थ यात्रियों पर केंद्रित करता है.
उन्हों ने इमाम मोहम्मद Baqir (अ.स.) की शहादत की सालगिरह पर कहा: "जाबिर बिन अब्दुल्ला Alansary" (र.)से,जो पैगंबर (PBUH) के साथियों से हैं मज़बूत हदीस के अनुसार, शियों के पांचवें इमाम का उपनाम "Albaqir क़रार दिया गया था .
इसी तरह इमामे जुमा नजफ़े अशरफ़,ने मुस्लिम इब्न Aghili (अ.स.) की शहादत की सालगिरह के संदर्भ में कहा: मुस्लिम बेन Aghil वाक़ेअऐ तफ़ के पहले मज़लूम और शाहिद है जो कि कोफ़ियों से निष्ठा की शपथ(बैअत) लेने Kufa शहर गऐ थे वहां शहीद कर दिऐ गऐ थे.
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