अंतरराष्ट्रीय समूह: मेरा मानना है,कि एक क़ारीऐ क़ुरान के लिए पहला और सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत यह है कि अपने आप को जितना संभव हो इस आस्मानी किताब के लिए समर्पित करे, और जिस तरह कोई अपने आदर्श की तलाश में है, वह भी निरंतर अपने खोऐ हुऐ को पवित्र कुरान की आयतों में खोजे.
" मोहम्मद Ayoub आसिफ, इंग्लैंड के क़ारीऐ कुरान, मुस्लिम छात्रों के Quranic प्रतियोगिताओं के तीसरे चरण में भाग लेने वाले ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ एक साक्षात्कार में इस भाषण के साथ कहा: कि जो मनुष्य कि अल्लाह ने उसे अच्छी ध्वनि दी है बहुत बड़ी नेमत दी है कितना सुंदर है कि अगर इस नेमत को कुरान की तिलावत में इस्तेमाल करे.
वह जब कि इस समय विश्वविद्यालय अल अजहर मिस्र में अध्ययन कर रहे हैं, कुरान के साथ अपनी सुपरिचय को बचपन से जोड़ कर बताया और कहा: 5 साल की उम्र से कुरान की ध्वनि सुन कर इस आस्मानी किताब आशना हुआ. पहले तो यह बात तफ़्रीह और मनोरंजक पहलुओं पर शामिल थी, लेकिन समय गुज़रने के साथ मेरी प्रवृत्ति और पसंद इससे इतनी गहरी होगई कि मैं चाहने लगा कि एक दिन मुस्लिम दुनिया के मुम्ताज़ Reciters की तरह मैं भी कुरान की तिलावत करुं.
आसिफ इस वक़्त विशेष रूप से मुस्लिम छात्रों के लिऐ अंतरराष्ट्रीय पवित्र कुरान प्रतियोगिता के तीसरे अवधि में ब्रिटेन प्रतिनिधि के रूप में, जो कि 9 से 12 जनवरी तक पवित्र शहर Mashhad में आयोजित होने वाली है; परिचित हुऐ हैं अब तक मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, फ्रांस और ब्रिटिश के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं, क़िराअत और Tajvid क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा की है. वह आखिरी टूर्नामेंटों में पहला और दूसरा स्थान जीत चुके हैं.
वह अपने लोकप्रिय Reciters "इस्माइल मुस्तफा", " खलील Alhsry " और "मोहम्मद Rafat" को बताया,और बात जारी रखते हुऐ कहा: "मैं ने अपने काम के संदर्भ मे कोशिश की है कि मुस्लिम विश्व के प्रसिद्ध प्रोफेसरों विशेष रूप से मिस्री Reciters की शैली और संयोजन को लागू करूं.
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