राजनीतिक और सामाजिक समूहों: अयातुल्ला "Seyed Mohsen हुज्जत काबुली, अफगानी प्रमुख शिया मौलवी,ने मुहर्रम के दिनों को अबा अब्देल्लाहिल हुसैन(अ.स.) के क़याम की वास्तविकताओं को समझने और Ashura घटना का संदेश विश्व में पहुचाने में एक अवसर के रूप जाना.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) शाखा इस्लामी गणराज्य अफगानिस्तान के अनुसार, अफगान आवाज एजेंसी के हवाले से, अयातुल्ला Seyed Mohsen हुज्जत काबुली ने दोहराया: मुस्लिम दुनिया मुहर्रम के अवसर पर, विशिष्ट समय को हासिल कर लेते हैं, ता कि व्यापक धार्मिक प्रचार के साथ दुश्मनों के षड्यंत्र को बेकार करदें.
उन्होंने कहा: "अहलेबैत अ.स.के स्मारक के दौरान दुन्या के मुसलमान इस कम अवसर का उपयोग करें, लेकिन यह अज़ादारी विवादास्पद और संवेदनशील न हो,कि दुश्मन के फ़ाऐदे में जाऐ.
अयातुल्ला Hojjat ने कहा: मुहर्रम के दिन और सर्वर व सालारे शहीदां तथा कर्बला के अन्य शहीदों की अज़ादारी केवल शिया लोगों से संबंधित नहीं है, बल्कि हम हमेशा काबुल के शोक समारोह में सैकड़ों सुन्नी भाइयों की उपस्थिति को देखते चले आरहे हैं.
उन्होंने दोहराया: शोक समारोह अधिक ध्वनि लाउडिस्पीकर के साथ न होना चाहिऐ और लोगों के लिए असुविधा बनाऐ और गलियों तथा सड़को पर अंजुमनों व मातम करने वालों की ओर से यातायात और परिवहन के लिए रुकावट पैदा नहीं होना चाहिए.
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