ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA),ने जानकारी साइट «इस्लाम टूडे» के हवाले से बताया कि सौ साल पहले मूनीख़ शहर पश्चिम में इस्लामी कला की पहली और सबसे बड़ी प्रदर्शनी का मेजबान था. इस प्रदर्शनी में कि जिसे"मुस्लिम कला कृतियों"कहा जाता था इस्लामी असर से 3600 से अधिक 80 हॉल में प्रदर्शित किया गया अभी भी इस प्रदर्शनी की कातूलूक की तीन जिल्दों को एक संदर्भ पुस्तक के रूप में कला इतिहासकार इस्तेमाल करते हैं
अभी तक इस्लामी कला की इस सबसे बड़ी प्रदर्शनी को एक लाख से ज्यादा लोगों ने देखा और इस्लामी देशों की एक व्यापक परिप्रेक्ष्य कला से लोग सहमत हुए.
अब एक सौ वर्षों के बाद,मूनीख़ के कला भवन के संग्रहालय में आधुनिक और परंपरागत इस्लामी कला के बीच एक कड़ी जोङने के उद्देश्य के साथ जौहरी और कपड़े के डिजाइन, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, डिजाइन, चित्रकला,के क्षेत्रों में समकालीन मुस्लिम कलाकारों के साथ उसमे से30 कला के संग्रह को आयोजित किया जा रहा है.
यह प्रदर्शनी 9 जनवरी तक आयोजित की जाएगी
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