ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के अनुसार, जानकारी साइट "अद्दहर"के हवाले से, इस समारोह का नारा जो कि शनिवार की शाम, 31 दिसम्बर, को आयोजित किया गया 'इस्लाम भाईचारे और सहिष्णुता का धर्म है न कि आतंकवाद व हिंसा का.
इस समारोह में जो कि ईमामैन अस्करीऐन(अ.स.) के हरम के आंगन में आयोजित हुआ, इराक के शियों व सुन्नियों के विद्वानों, मौलवियों, नेताओं और शख़्सियतों की एक संख़्या उपस्थित थीं.
Hojjatoleslam शेख नासिर Saeedi, शाहिद सद्र के कार्यालय के प्रभारी, "क़ुसी अस-सहील, इराकी संसद के उपाध्यक्ष" हलीम Alftlavy "," Hazem Alarjy "और" सलाह Albydy, इराक़ी धार्मिक शख़्सियतें और इराकी संसद की कुछ प्रतिनिधि उपस्थित थे .
नासिर Saeedi, ने इस समारोह में बात करते हुऐ कहा: कुछ अतिवादी और deviant विचारों के लोग मुस्लिम उम्मा को संप्रदायों और धर्मों में विभाजन करने की तलाश में हैं कि यह अलग होना, मुस्लिम Ummah के राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर एक बड़ा प्रभाव डालेगा.
क़ुसी अस-सहील, इराकी संसद के उपाध्यक्ष, ने एक भाषण में कहा: ईमामैन अस्करीऐन(अ.स.) की दरगाह को लक्षित करना, इस्लामी मूल्यों का लक्ष्यीकरण है.
"अहमद अल हसनी, इराक के सुन्नी Endowments के प्रतिनिधि ने भी इराक की एकता की आवश्यकता पर बात की और आतंकवाद के ख़िलाफ़ विभाजन और अंतर से दूर रहने पर बल दिया.
समारोह के अंत में,इस दर्दनाक त्रासदी के लिए कवियों ने अशआर वर्णन किऐ और विभाजन से बचने तथा इराक में राष्ट्रीय एकता के लिऐ विशेष निमंत्रण दिया गया.
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