ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के अनुसार, स्वतंत्र समाचार एजेंसी इराक के हवाले से, 4 जनवरी को इराकी सुन्नी फतवा सुप्रीम काउंसिल ने, एक फतवा जारी करके अन्य धर्मों के अनुयायियों की हत्या को अवैध घोषित कर दिया.
फतवा में आया है: पवित्र कुरान और धार्मिकनेक लोगों ने इस्लामी देशों में तजावुज़, हत्या, रक्तपात और अन्य धर्मों के धार्मिक और पूजा स्थलों की श्रद्धा व हुर्मत को तोड़ना जाऐज़ समझना हराम कहा है और सुन्नी विद्वानों ने भी इसी के अनुसार इस्लामी देशों में गैर मुसलमानों की जॉन,धन और सम्मान के ख़िलाफ़ किसी भी तरह के उल्लंघन को पूरी तरह निषिद्ध घोषित कर दिया.
कौंसिल ने कहा:यह फतवा अन्य धर्मों के अनुयायियों के खिलाफ मुसलमानों की ग़फ़्लत के चलते अतिवादियों द्वारा बढ़ते अपराधों के कारण दिया गया है, और विभिन्न धर्मों के अनुयायियों से भी आग्रह किया कि आपस में भाईचारे व मेहरबानी के साथ रहें और इस्लाम शांति, प्रेम और मोहब्बत का धर्म है..
यह उल्लेख के लायक है हाल के दिनों में इराक और मिस्र के देशों में ईसाई नागरिकों के खिलाफ आतंक और हत्या में तेजी से वृद्धि हुई है, इस तरह कि सैय्यदतुन्नजात बगदाद में और Alexandria के क़िद्दीसीन चर्चों पर आतंकवादियों ने हमला किया था और इन देशों के ईसाई नागरिकों की ऐक संख्या मारी गई और घायल हुई हैं.
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