महान नबीऐ इस्लाम (PBUH) की रेहलत और उनके बड़े निवासे हज़रत इमाम हसन(अ.स.)की शहादत के दिन Qom धार्मिक अंजुमनों का अज़ादारी जुलूस इस्लामी जांबाज़ों की सरबराही में मस्जिद इमाम हसन अस्करी (अ.स.) से ह. Masumeh (अ.स.) के रौज़े की ओर आया.
बुधवार मुताबिक़ 28 सफ़र को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, अली इब्न अबी तालिब फ़ौज Qom प्रांत,Sarallh प्रेमी, इस्लाम के पवित्र योद्धाओं,जांबाज़ो, तथा दिफ़ाऐ मुक़द्दस के यादगारों के बोर्ड के रूप में योद्धा दिग्गजों की सरबराही में ऐक हजार 700 धार्मिक अन्जुमनों के प्रतिनिधियों के साथ संयोग समय10बजे सुबह से मस्जिद इमाम हसन Askari (अ.स.)में जमा होकर सिर और सीना पीटते हुऐ हरमे Masumeh (SA) सादात की चाची की ओर संवेदना के लिए चल पड़े.
इस बड़ेजुलूस सरदार मेहदी Mahdavi नजाद, अली बिन अबी तालिब (अ.स.)फ़ौज के कमांडर, अहमद हाजी ज़ादहQom डिप्टी गवर्नर के राजनीतिक सहायक, और अली इब्न अबी तालिब (अ.स.)फ़ोर्स में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधित्व Hojatoleslam सैयद हसन अकबरी, Hojatoleslam मोहम्मद चहल Akhtrany Qom धार्मिक परिषद समिति के जिम्मेदार ने अज़ादारों का साथ दिया. हजरत Masumeh (SA) के रौज़े के मुतवल्ली बोर्ड और Qom राज्यपाल ने आंगन में खड़े होकर अज़ादारों का स्वागत किया .
Qom के इमामे जुमा ने इस्लामी देशों में क्रांति की चर्चा करते हुए कहा: ईरान में इस्लामी क्रांति एक व्यापक मरजा इमाम खुमैनी (र.अ.) के नेतृत्व में जीता है अथवा अयातुल्ला Khamenei के मार्गदर्शन के साथ क्रांति आगे बढ़ रहा है और अब दुनिया भर में इसके प्रसार को देखा जा सकता है.
उन्हों ने इस बयान के साथ कि अयातुल्ला Khamenei जगत के वलीऐ अम्र मुस्लिमीन हैं कहा, 'इस्लामी देशों के लोग यदि इनके कहने पर चलें तो निश्चित रूप से कामयाब होंगे.
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