ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA), इस सप्ताह तेहरान की नमाज़े जुमा सफ़र महीने के अंतिम दिन, और आकाश इमामत व विलायत के आठवें उज्जवल अख्तर इमामे रज़ा (अ.स.)की शहादत के वर्षगांठ के अवसर पर वलीऐ अम्र मुस्लिमीन अयातुल्ला Khamenei की इमामत, में स्थापित कीगई.
राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद, न्यायपालिका के प्रमुख अयातुल्ला आमिली लारीजानी, अली लारीजानी, संसद के अध्यक्ष और देश के पात्रों का एक बड़ा संग्रह तथा प्रभाग सांसदों, कर्मचारियों, विशेषज्ञों, मंत्रियों, अवसरवादिता परिषद के सदस्यों, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों सहित सभा के सदस्यों की तेहरान शुक्रवार की नमाज में मौजूदगी दर्ज थी.
क्रांति के सुप्रीम नेता ने नमाज़ के प्रथम उपदेश, में इस बयान के साथ कि क्रांति से पहले देश राजनीतिक ऐतेबार से निर्भर था, उन्होंने कहा: शाह की हुकूमत अमेरिका की आज्ञाकारी और अमेरिकन इशारे की प्रतीक्षा करती थी, लेकिन यह इस्लामी क्रांति आई और देश की राजनीतिक को पूरी स्वतंत्रता दी. आज बड़ी शक्तियों के बीच कोई शक्ति नहीं है जो कि यह दावा करे कि वह ईरानी राष्ट्र और अधिकारियों पर थोड़ा सा भी असर डालने में सक्षम हैं.
अयातुल्ला Khamenei ने जोर देकर कहा कि प्रतिरोध, राजनीतिक स्वतंत्रता और गरिमा अधिकांश देशों के लिए आकर्षक हैं, उन्होंने कहा: कि आज दूसरे राष्ट्र ईरान का सम्मान करते हैं यह ईरानी राजनीतिक स्वतंत्रता की वजह से है.
उन्हों ने इस्लामी क्रांति के बाद ईरान की उपलब्धियों की ओर इशारा करते हुऐ कहा: यूरोप और अमेरिका और इनके पिठ्ठू अपने तमाम दबाव के बावजूद इस्लामी गणराज्य पर हावी न होसके और न पीछे हटने पर मजबूर कर सके.
IQNA रिपोर्ट बताती है कि अयातुल्ला Khamenei, ने प्रार्थना के दूसरे प्रवचन के पहले भाग में दोनों देशों तुनिशिया और मिस्र में हाल के घटनाक्रम की व्याख्या को बयान करते हुऐ दोहराया: क्षेत्र में जो अमेरिकी नीतियों के लिऐ इन हालात से विकसित होगा, एक अपरिवर्तनीय विफलता होगी.
अयातुल्ला Khamenei, ने आगे कहा:आज टुनिशिया और मिस्र के के भागे हुऐ अधिकारियों से भी अधिक इजरायल इन घटनाओं के बारे में चिंतित है, यहूदी दुश्मन जानता है कि अगर मिस्र अपने सहयोग से हाथ उठा ले और अपनी सही स्थिति में खड़ा होजाऐ तो इस क्षेत्र क्या अनहोनी हो जाएगी.
उन्होंने दोहराया: संयुक्त राज्य अमरीका आज, मिस्र के लोगों के साथ हड़बड़ी में है और मिस्र के लोगों के समर्थन का दम झूठे तौर पर भर रहा है.
IQNA रिपोर्ट कहती है कि वलीऐ अम्र मुस्लिमीन ने इस ख़ुतबे के दूसरे भाग में महत्वपूर्ण विषयों को अरबी भाषा में अरब इस्लामी देशों के मुसलमानों के लिऐ संबोधित किया है.
तेहरान की नमाज़े जुमा में सुप्रीम नेता के पूरे बयानात बाद में प्रस्तुत किऐ जाऐंगे.
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