ईरान की कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) ने«ISESCO» की जानकारी साइट के अनुसार बताया कि इस में पवित्र कुरान के आख़िर के दो परो का अनुवाद भी शामिल हैं जो अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय और विश्व दावते इस्लामी संगठन और«ISESCO» की सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और शैक्षिक, इस्लामी संगठन के सहयोग से प्रकाशित किया गया है
कुछ दिनो पहले तक हूसायी भाषा अंग्रेज़ी अल्फाबेट के उपयोग के साथ लिखा जाता था अबISESCOने इसको अरबी की पंक्ति की तरह बदल दिया है
अब तक पवित्र कुरान कई अफ्रीकी भाषाओं में जैसे फूलानी,वोलोफ, सोमालियाई,स्वाहिली और योरूबा का अनुवाद किया जा चुका है
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