Hojatoleslam "रसूल Babazadeh,विश्वविद्यालय और हौज़े के अध्यापक ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)पश्चिम अज़रबैजान शाखा के साथ बातचीत में व्याख्याता करते हुए कहा:कि मस्जिदें मस्जिदों हमेशा से मुस्लिम जीवन में एक केंद्रीय भूमिका रखती थीं और इस्लामी सभ्यता की नींव बनाने में गिनी जाती हैं मुसलमानों की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था में केवल धार्मिक कार्यात्मक ही नहीं रखतीं बल्कि क्रमश राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सैन्य कार्य पर भी शामिल हैं.
उन्होंने जारी रखते हुऐ कहा:अलग अलग समय में ईरानी राजनीतिक व सामाजिक आंदोलनों जैसे Sarbedaran आंदोलन,संवैधानिक आंदोलन, Goharshad और इस्लामी क्रांति आंदोलन के उत्पाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
Babazadeh ने मस्जिदों को इस्लामी विचारों और भावना को मजबूत बनाने व बहाली के लिए उपयुक्त स्थान बताया और कहा:यह आध्यात्मिक स्थान अहलेबैत(अ.स.) की शिक्षा और संस्कृति के प्रकाशन तथा समाज में वैज्ञानिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के विकास का केन्द्र है.
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