IQNA

आले खलीफ़ा शासन को असफलता का डर, बहरीनी इन्तिफादा को धार्मिक रंग देने का कारण हैः

7:42 - April 12, 2011
समाचार आईडी: 2104338
अंतरराष्ट्रीय समूह: बहरीन के शिया और सुन्नी लोग अतीत से भाइयों की तरह और धर्म के संबंध के बिना,एक दूसरे के साथ रहते चले आरहे हैं, लेकिन आज आले खलीफ़ा शासन ने जब यह महसूस कर लिया कि देश के क्रांतिकारी लोग जीत के करीब हो गऐ हैं, तो उनको धार्मिक उत्पीड़न का इल्ज़ाम लगाकर और इसी बहाने उनको कुचल रहे हैं.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) जानकारी साइट "Alkvsr" के हवाले से, "अब्दुल करीम अलहबील, एक शिया सऊदी आलिम और शहर "Alvamyh" Qtyf प्रांत सऊदी अरब के नमाज़े जुमा के उपदेशक ने,बहरीन लोगों के साथ एकजुटता के उद्देश्य से की जाने वाली दावत की तारीफ़ करते हुऐ कहा: "बहरीन के लोग महान उत्पीड़न व अन्याय ऐवं नरसंहार के तहत रह रहे हैं.
उन्हों ने जारी रखते हुऐ बहरीन सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन करने वालों की गिरफ्तारी,विरोधियों को कुचलना,लोगों के घरों पर छापे मारना और उनकी संपत्ति को नष्ट करना,जब कि वह लोग सिर्फ न्याय और आत्मनिर्णय चाहते हैं जैसे कार्यों की निंदा की.
अलहबील ने आगे जारी रखते हुऐ इशारा किया,जब कि बहरीन के विरोधियों की बहुमत है कहा: बहरीनी लोगों की मांग सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों के आधार पर स्वीकार्य और पूरी तरह कानूनी है.
"अब्दुल करीम अलहबील,सऊदी अरब के प्रसिद्ध विद्वानों और मौलवियों से हैं अंत में दोहराया:बहरीनी लोगों की आपत्ति, विरोध,और प्रदर्शन कभी भी धार्मिक नहीं था और सरकार विरोधियों को धार्मिक उत्पीड़न और विशेष धर्म से संबंधित करे और पहचनवाऐ इस लिऐ धार्मिक उत्पीड़न की गुहार लगा रही है.
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