ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) समाचार एजेंसी इबा के हवाले से,इस बयान में,ऐतिहासिक मक़्बरा "मोहम्मद Albryghy" और मस्जिद इमाम सादिक (अ.स.)" क्षेत्र "Slmabad" बहरीन को नष्ट किऐ जाने की निंदा की और आया है: यह कार्रवाई इबादत व धार्मिक संस्कार आयोजन में राष्ट्रों के प्राकृतिक अधिकारों और धार्मिक शिक्षाओं तथा मूल्यों के ख़िलाफ़ है,और मानवीय मूल्यों और धार्मिक कानून पर खुलाआक्रामण शुमार होगी.
बहरीन नेशनल एसोसिएशन ने जोर दिया:कि मस्जिदें भगवान का घर और शुरू इस्लाम से मुसलमानों के लिऐ शरण थीं और इन पूजा स्थानों का अपमान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता,पूजा और धार्मिक स्वतंत्रता के असंगत है.
इस एसोसिएशन ने इसी तरह इमाम बारगाहों और बहरीन के गांवों और कस्बों में Fatemi दिवस पर शोक समारोह पर हमला करने की जो कुछ बहरीनी नागरिकों के मारे जाने और ज़ख्मी होने का सबब बना जोरदार निंदा की.
बहरीन के इस्लामी राष्ट्रीय संघ ने घोषणा की: बहरीन एक ऐसा देश है कि जहां दीने इस्लाम को ऐक क़तरा ख़ून बहाऐ और सहिष्णुता के ज़रये पहचाना गया,और इतिहास में हमेशा से विद्वानों और विचारकों के शिक्षण का पालन हार रहा है और यह कार्रवाई देश को कठिन परिस्थितियों में खड़ा कर देगी.
इस Shi'i फोरम ने अंत में भगवान से बहरीन में शांतिपूर्ण जीवन और सहिष्णुता और स्नेह की रक्षा व इस देश के नागरिकों के बीच दोस्ती के प्रकाशन की दुआ की.
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