क़ुरानी गतिविधियों समूह: भारत के शहर दिल्ली में ज़ाकिर नगर क्षेत्र के मशहूर मौलाना "यासीन अख्तर मिस्बाही, ने कुरानी"यासीन, के शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में कहा: कि एकता और आपसी सहयोग कुरान की सशक्त शिक्षाओं में से है
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) शाखा भारत ने बताया कि 18 अप्रैल को Quranic यासीन की बैठक में हिन्दी आलिमे दीन ने इस मतलब के बयान के साथ कि जो ज़ाकिर नगर क्षेत्र की रजाई मस्जिद में रज़ा एसोसिएशन के प्रयास से आयोजित किया गया उन्होंने कहा: कि यह किताब पैगंबरे इस्लाम(स0अ0) मानव जाति के लिए लाये हैं जिसमें मानव के लिए हिदायत, बलन्दी और विकास है
उन्होंने बात जारी रखते हुए कहा: कि"यदि मनुष्य क़ुरानी तालीमात और शिक्षाओं के आधार पर जीवन गुज़ारे तो कभी भी समाज में गङबङी पैदा नहीं हो सकती है और समाज के तमाम लोग आराम और सुविधा में रह सकते हैं और सभी बुराइयां समाज से ख़त्म हो सकती हैं
इस हिन्दी आलिमे दीन ने कहा: कि मुसलमानों को दुन्यावी शिक्षाओं के अलावा दीनी शिक्षा को भी अपनाना चाहिए और इसी तरह Quranic शिक्षाओं और शिक्षाओं को समझने और याद करने के लिए कोशिश करना चाहिए और हमेशा क़ुरान मजीद की तिलावत करें क्योंकि कुरान मुसलमानों को सांस्क्रतिक, विश्वास और भाईचारे का दर्स देता है और मानव को मन की शांति प्रदान करता है
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