IQNA

बहरीन के मज़्लूम लोगों का समर्थन मुस्लिम मामलों में सबसे पहले हैः

10:43 - April 25, 2011
समाचार आईडी: 2111483
राजनीतिक समूह: सभी मुसलमानों पर अनिवार्य है कि बहरीन के पीड़ित लोगों की मदद करें, लेकिन कुछ मुसल्मानों पर इस देश के पीड़ित लोगों का समर्थन वाजिबे एैनी है और कुछ पर वाजिबे किफ़ाई है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)ग्रांड अयातुल्ला Javadi Amoli मरजऐ तक़्लीद ने,शनिवार को बहरीन के मौलवियों और विद्वानों के एक समूह से मुलाक़ात के दौरान अल खलीफा और आले सउद द्वारा किऐ जारहे अत्याचारों की निंदा करते हुऐ कहा: जो व्यक्ति कुरान को आग लगाऐ,वह मुसलमान नहीं है बल्कि अमेरिका,अहंकारियों और Zionists का असीर और ग़ुलाम है,यह वहाबी भी नहीं हैं, क्योंकि वहाबी कम से कम कुरान को तो मानते हैं.
अयातुल्ला Javadi Amoli ने इस ओर इशारा करते हुऐ कि बहरीनी लोगों को दृढ़ रहना चाहिए, कहा:अपने विश्वासों और सिद्धांतों पर डटे रहना चाहिए और लादी हुई शांति और सुलह को स्वीकार न करें,क्योंकि आप विजयी हैं क्योंकि भगवान आपके साथ है और जब आप ने काम किया है तो भगवान किसी भी काम को बिना परिणाम के नहीं छोड़ता है.
हौज़ऐ इल्मियह Qomके प्रमुख प्रोफ़ेसर ने बहरीनी लोगों की काम्याबी व जीत और उनको प्रोत्साहित करने के लिऐ धैर्य और धीरज को अपने स्थान पर महत्वपूर्ण जाना और दुनिया के मुस्लिमों को सिफारिश करते हुऐ कहा: प्रार्थना और धैर्य के अलावा जो हमारा कर्तव्य है,इस्लामी ग़ैरत को जगाना है और दुनिया भर के मुसलमानों का कर्तव्य है कि बहरीन के राजदूतों, उपराजदूत और राजनीतिक शख़्सियतों से सख्ती व बरुख़ी से मिलें.
Javadi Amoli ने आले सउद की हस्तक्षेप की नीतियों और अमेरिकी सैन्य अड्डे को अल खलीफा के समर्थन की दो प्रमुख कारण बताया और ज़ोर दिया: यदि बहरीन में युवा मुसलमानों को जोश आ जाऐ तो अल खलीफा का काम पूरी तरह ख़त्म कर सकते हैं, लेकिन बहरीन पर आले सउद का सैन्य आक्रमण इस देश के मुसलमानों के दमन का उपकरण बन गया है.
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