अंतरराष्ट्रीय समूह: लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन (हिजबुल्लाह) ने एक बयान जारी करके मिस्र समझौते, इस्लामी गुटों फतह और हमास में सुलह को प्रतिरोध आंदोलनों के लिए ताकत और मिस्री क्रांति का पहला फल बताया.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)साइट जानकारी,nowlebanon के हवाले से,हिजबुल्लाह ने इस बयान में फिलिस्तीनी राष्ट्रीय सुलह समझौते पर हस्ताक्षर करने पर इस देश के लोगों को बधाई दी और इस कार्रवाई को इजरायली विरोधी सेना के एकीकरण का संकेत बताया.
हिजबुल्लाह ने बल दिया: फतह और हमास समझौते ने फिलिस्तीनी मुद्दे को मज़्बूत किया है और यहूदी शत्रु के विरुद्ध प्रतिरोध आंदोलनो के लिऐ ऐक ताक़त माना है.
इस बयान में फतह और हमास समझौते पर अमेरिकी -यहूदी क्रोध का जिक्र करते हुऐ आया है: यह मुद्दा बता रहा है कि समझौता सही रास्ते पर चल रहा है जो ग़ासिब लोगों के हाथ से फिलिस्तीनी लोगों के अपने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के लाभ में जाएगा.
हिज़्बुल्ला ने फतह और हमास समझौते पर मिस्र के लिए बधाई के साथ कहा: यह समझौता मिस्र के लोगों की क्रांति का पहला फल है एक ऐसी क्रांति जो कि संभावना है कि इस्लामी दुनिया के मुद्दों का समर्थन करने के लिए मिस्र की स्थिति को बहाल करने की राह को खोल देगा.
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