IQNA

बहरीनी अपराधों से अल ख़लीफ़ा शासन की इस देश के लोगों के प्रति नफरत की गहराई का पता चलता हैः

10:52 - May 05, 2011
समाचार आईडी: 2117686
अंतरराष्ट्रीय समूह: बहरीन के लोगों का गंभीर दमन और देश के चार विरोधी लोगों को मौत की सजा,भ्रष्ट और निरंकुश अल खलीफा और आले सउद के नेताओं की बहरीन के पीड़ित लोगों की निस्बत घृणा की गहराई का संकेत है.
सुश्री रीमा Fakhry, लेबनान हिजबुल्लाह आंदोलन की राजनीतिक परिषद की सदस्या ईरान कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)के साथ एक टेलीफोन बातचीत में बहरीन में अपमान जनक कार्यें और पवित्र कुरान की प्रवृत्तियों के अपमान की चर्चा करते हुए कहा:बहरीन आज जो कुछ भी अपवित्रता व अपराधों की सूरत में होरहा है,अस्वीकार्य है और हर मानव अधिकार कार्यकर्ता, चाहे अरब हो या मुस्लिम, दृढ़ता से इसकी की निंदा करता है.
इस लेबनानी विचारक महिला ने कहा: जो लोग इस तरह के अश्लील और क्रूर हरकतें कर रहे हैं,मानवता की बू भी नहीं उनमें और इस्लाम व मानवीय गरिमा के बारे में कोई ज्ञाना नहीं रखते और ऐसे नीच अपराधों के अंजाम देने का कारण वह घृणा,नफ़रत और दुश्मनी है जो अपनी मज़्लूम क़ौम के प्रति रखते हैं.
रीमा Fakhry इस बात की ओर इशारा करते हुऐ कि मज़्लूमों का समर्थन और ज़ालिमों के मुक़ाब्ले में खड़े होजाना सभी मुसलमानों का कर्तव्य है, कहा:बहरीन में अल खलीफा शासन के सैनिकों के क्रूर अत्याचार और अपवित्रता ,प्रत्येक व्यक्ति विशेष रूप से अरब और मुसलमानों की भावनाओं को उभार देता है.
लेब्नान हिज़्बुल्ला राजनीतिक परिषद की सदस्या ने बल दिया मुसलमानों को चाहिऐ कि एकजुट हों ता कि विभिन्न संस्थाओं को मजबूर करें कि वह प्रतिक्रियावादी और निरंकुश बहरीन शासन पर दबाव डालें कि वे अपने क्रूर अपराधों को रोकें.
उन्होंने जारी रखते हुऐ, अमेरिका की हाल की कार्वाई चार सरकार विरोधी शिया लोगों की मौत की सज़ा की निंदा को राजनीतिक नक्शा बताया और कहा: बहरीन के लोगों पर आक्रमण अमेरिकी भागीदारी के साथ,एक बुनियादी बात है और वास्तव में लोगों का दमन अमेरिकी हरी बत्ती के साथ किया जा रहा है,क्योंकि अमेरिका निश्चित रूप से यह जानता है कि बहरीनी लोगों को अपने अधिकारों का हासिल करना और अपने देश के शासन पर आजाना निश्चित रूप से फ़ारसी खाड़ी और अरबी देशों में अमेरिकी हितों को प्रभावित करेगा.
लेब्नान हिज़्बुल्ला राजनीतिक परिषद की सदस्या ने बल दिया:अमेरिका द्वारा इस तरह के बयानों का जारी करना पश्चिमी देशों के समाज को यह बताने के अलावा अन्य कोई उद्देश्य नही है कि अमेरिकी देश,सांस्कृतिक समाज है और हर तरह के उत्पीड़न और अत्याचार तथा बहरीन देश पर किसी भी तरह के आक्रमण के खिलाफ है,कुछ और नहीं,और इसी तरह विभिन्न पश्चिमी संगठनों का उद्देश्य अपने पश्चिमी समाजों के नागरिकों को चुप करने के लिऐ केवल कानूनी कर्तव्य पूरा करना है.
अंत में रीमा Fakhry ने दोहराया:यह सभी संगठन इस क्षेत्र में अमेरिका और यहूदी शासन के कठपुतली हैं और कोशिश कर रहे हैं कि चार बहरीनी प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा का विरोध व निंदा करके,पश्चिमी समाजों को यह संदेश दें कि हम उसके ख़िलाफ़ हैं जो पश्चिमी समुदायों की संस्कृति और धर्म के विपरीत है जबकि सभी अपराधों में अमेरिका साझीदार है.
यह मूल्य उल्लेख है, रीमा Fakhry,हिजबुल्लाह के राजनीतिक परिषद की सदस्या व राजनीतिक मामलों में एक शोधकर्ता और देश में राजनीतिक कार्यकर्ताओं में केवल महिला सदस्य है.
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