अंतरराष्ट्रीय समूह: "हसन अस्सफ़्फ़ार, सऊदी Shi'i विचारक, ने कुछ धार्मिक विद्वानों और फ़ारसी खाड़ी देशों के कुलीन लोगों द्वारा मुसलमानों के बीच सन्निकटन सिद्धांत और इस्लामी मूल्यों की उपेक्षा और धार्मिक उत्पीड़न को बढ़ावा देने के राजनीतिक मतभेदों के दुरुपयोग करने की निंदा की.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) न्यूज नेटवर्क "Rasd" के हवाले से,शेख "हसन अस्सफ़्फ़ार, Qtyf के Shi'i विचारक और मुस्लिम विश्व धार्मिक सन्निकटन विधानसभा के सदस्य,ने इस मुद्दे पर जोर देकर कहा:" सबसे खराब स्थिति संभव है कि खाड़ी देशों में पैदा होजाऐ वह राजनीतिक मतभेदों के कारण कट्टरपंथी धार्मिक मामलों का दुरुपयोग करते हुऐ सुन्नी और शिया धर्म के बीच राजद्रोह पैदा करना है.
उन्होंने कहा: धार्मिक कट्टरपंथी लोग दुनिया भबर में सुन्नी और शिया के बीच छोटा सा राजनीतिक मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं,धार्मिक मतभेदों की पुरानी फाइलों को फिर से सक्रिय कर रहे हैं और ऐक दूसरे को काफ़िर बनाना,दीन इस्लाम से बाहर निकालना,दूसरों के विश्वास(ऐतेक़ादात)में संदेह पैदा करना जैसे इल्ज़ाम हैं जो एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.
अस्सफ़्फ़ार ने अधिक जोर देकर कहा: राजनीतिक घटनाओं के साथ राजनीतिक व्यवहार किया जाना चाहिए और किसी भी राजनीतिक मतभेद को धार्मिक रंग देने तथा धार्मिक अनुयायियों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करने से बचा जाना चाहिए.
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