"अहमद काज़िम शाही"ईरान Endowments और चैरिटी मामलों के संगठन की 28वीं अंतर्राष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता में क़िराअते क़ुरान क्षेत्र में अल्बेनियन् प्रतिनिधि ने शिखर सम्मेलन हॉल, टूर्नामेंट के आयोजन स्थल पर ईरान कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ एक साक्षात्कार में इस घोषणा के साथ कहा: मैं पहली बार है कि पवित्र कुरान अंतर्राष्ट्रीय ईरानी प्रतिस्पर्धा में भाग लेरहा हूं और प्रसिद्धि सुंदर सस्वर पाठ वाले कुरान Reciters के साथ मुलाकात की है.
उन्होंने कहाःमैं सोच नही सकता था कि ईरान में अंतर्राष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिताएं इस स्तर पर आयोजित होती हैं,इसलिए मैं यह कह सकता हूं कि इस टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा आसान काम नहीं है और बहुत कठिन व क़रीब क़रीब है, इस प्रतियोगिता में उपस्थित होना हर क़ारी व हाफ़िज़ के लिऐ एक अच्छा अवसर है कि विश्व के प्रसिद्ध और अंतरराष्ट्रीय Reciters व हाफ़िज़ों के मूल्यवान अनुभव से परिचित हो सकते हैं.
उन्हों ने कुरान के याद करने के हवाले से कहाः शुरू में अपने परिवार की मदद से क़िराअते कुरान सीखा और फिर Albany में एक ब्रह्मवैज्ञानिक कॉलेज में प्रवेश लिया और हिफ़्ज़े कुरान शुरू किया वहां कॉलेज शिक्षा के अंत तक कलामे इलाही पुस्तक के आधे भाग को हिफ़्ज़ कर लिया.
उन्होंने कहा कि अरबी शब्दों और भाषा के साथ परिचित होने के कारण कुरान सीखने में कोई अधिक कठिनाई नहीं हुई थी और जब आधा क़ुरान हिफ़्ज़ कर लिया तो उसके बाद कॉलेज में शिक्षा अध्ययन करने में अधिक सक्षम होगया और वहाँ मैं दो वर्षों के दौरान हर दिन कुरान से एक पृष्ठ हिफ़्ज़ करता था और 2 साल के बाद पूरी तरह से हाफ़िज़ होगया.
अहमद काज़िम शाही,अल्बेनियन् कारी ने अंत में युवाओं को संबोधित करते हुऐ कहा,मुस्लिम युवकों को मेरी सलाह यह है कि कुरान अधिक पढ़ा करें और उसकी शिक्षाओं को काम में लाऐं, क्योंकि जैसे पैगंबर (PBUH) ने कहा, "हर कोई दुनिया को चाहता है कुरान अधिक पढ़े और हर कोई आख़िरत चाहता है कुरान अधिक पढ़े और जो कोई दोनो को चाहता है तो भी कुरान अधिक पढ़े "मेरी दृष्ट से हर कोई इस दुनिया में खुश रहना चाहता है, कुरान और उसकी शिक्षाओं से हमेशा संपर्क रखे.
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