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इस्लामी सहयोग संगठन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुरान प्रतिस्पर्धा शुरू करना चाहिऐः

4:49 - July 05, 2011
समाचार आईडी: 2149035
अंतर्राष्ट्रीय समूह: अंतर्राष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिताओं का इस्लामी देशों के सहयोग से आयोजन एकता के लिए महत्वपूर्ण कदम और प्रभावी होगा व इस्लामी उम्मा, इस्लामी सहयोग संगठन से सबसे बड़े मुस्लिम संगठन के रूप में उम्मीद रखती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुरान प्रतिस्पर्धी शुरू करे.
"मोहम्मद एहसान अल सैय्यद हसन," 28वें ईरानी क़ुरान अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में सीरियाई कुरान रेफरी,ने ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) के साथ तेहरान इस्लामी देशों के शिखर सम्मेलन हॉल में एक साक्षात्कार में इस अभिव्यक्ति के साथ कहाः इस्लामी सहयोग संगठन मुस्लिम विश्व में एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है,जिसे दुनिया में कुरान की भूमिका पर प्रकाश डालने के क्रम में आज प्रयास करना चाहिऐ और इस संगठन की ओर से कुरान प्रतियोगिता के आयोजन में सुस्ती स्वीकार्य नहीं है .
मोहम्मद एहसान अल सैय्यद हसन ने आगे कहा:मुम्किन है कि राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दे अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिताओं के आयोजन में रुकावट हों लेकिन इस्लामी देशों को ऐसे मामूली मुद्दों अलग निर्धारित करना चाहिए और जान लें अंतरराष्ट्रीय कुरान प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य इस पवित्र किताब की सेवा से है और कुछ नहीं.
इस सीरयाई रेफरी अपनी कुरानी गतिविधियों के बारे में अधिक कहा: "मैं ने 15 वर्ष की उम्र से हिफ़्ज़े कुरान शुरू किया और दस तरह की क़िराअत को वैज्ञानिक तरीक़े से सीखा और जवानी में अल अजहर विश्वविद्यालय से तफ़्सीर क्षेत्र में डिग्री ली और फिर विशेष कुरान अध्ययन किया और पवित्र कुरान के इतिहास के बारे में ऐक पुस्तक लिखने में सक्षम होसका"
मोहम्मद एहसान अल सैय्यद हसन युवा पीढ़ी को कुरान की शिक्षाओं के समझने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि युवा पीढ़ी को आज पहले से कहीं अधिक कुरान की शिक्षाओं की जरूरत है ताकि गलत सोच के जाल में न फंस सके, और इस्लाम विरोधी प्रचार जो हर धर्म के सभी लोगों नस्लीय और जातीय समूहों को लक्षित कर रहे हैं, असफल रहे.
इस सीरियाई रेफरी ने साक्षात्कार के अंत में,सीरिया देश को इस्लामी दुनिया में प्रमुख Reciters का पालक बताया और कहा: सीरियाई Reciters ने मख़ारिजे हुरूफ़ को सुंदरता के साथ अदा किया और अपनी स्थिर आवाज के साथ आवाज और टोन में आगे थे और प्राध्यापक पद पर पंहुचे व बाद में बड़े बड़े छात्र उनके के यहां से प्रशिक्षण पाकर निकले.
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