अंतर्राष्ट्रीय समूह: पोप वेटिकन परिषद के प्रमुख ने कहा: धर्मों के बीच संवाद का उद्देश्य, विभिन्न धर्मों के अनुयाइयों के साथ शांतीस जीवन बिताने के रास्ते पैदा करना, ना कि एक सार्वभौमिक धर्म बनाना है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)वेबसाइट «APIC» के हवाले से, «कार्डिनल जीन लुइस तुरन," धर्मो के बीच संवाद के लिए वेटिकन पोप परिषद के प्रमुख ने 4 जुलाई को बोलते हुए कहाःधर्मो के बीच संवाद,का मतलब यह नहीं है,कि विभिन्न धर्मों के नेता एक साथ जमा होजाऐं और एक सार्वभौमिक या नया धर्म बनाऐं,लेकिन हमारा इरादा है कि इस बातचीत के माध्यम से मुसलमानों, ईसाइयों, यहूदियों यहां तक कि दूसरे विभिन्न सोच के अनुयायियों के बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्व का अधिकार प्रदान करें.
उन्होंने कहा कि कभी कभी यह संदेह जनम लेता है कि धर्मों के बीच संवाद का मतलब,धार्मिक मतभेद खोजना या उन्हें और अग्रसिव करना है यहां तक कुछ लोग तो यह सोचने लगते हैं कि विभिन्न धर्मों के नेता इन बैठकों से एक सार्वभौमिक या नया धर्म बनाने का इरादा रखते हैं जो सभी के लिऐ मान्य हो,जब कि यह बात चीत किसी भी तरह राजनीतिक संवाद जैसी नहीं है.और इस का उद्देश्य ऐक धर्म को किनारे लगा देना और दूसरे को मज़बूत करना नही है.
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