ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) मध्य एशियाई क्षेत्र शाखा,साइट जानकारी (islamsng) के हवाले से, «Nosratollah Mirzayov"प्रांत Khatlan राष्ट्रीय सुरक्षा की स्टेट कमेटी के उपाध्यक्ष ने इस बारे में कहा: इस तरह के आपरेशन और पिछले सप्ताह के दौरान अवैध इस्लामी स्कूलों के बंद करने का मुख्य उद्देश्य इस देश में "Salafiya" और "इस्लामी तब्लीग़ जमात" जैसे समूहों के प्रसार को रोकनाहै.
इस ताजिक अधिकारी ने कहा कि इन बंद हकिऐ गऐ स्कूलों के छात्र अवैध तरीक़े से विदेशी देशों में धर्म का अध्ययन करने के लिए जाते हैं.
हांला कि कुछ ताजिक उलमा व रूहानियो के अनुसार देश के अधिकारी इस्लाम व मुसल्मानों के ख़िलाफ़ अपनी विरोधी नीतियों को शुरू कर दिया है और अपनी योजना को पूरा करने के लिऐ सलफ़ी जैसे समूहों को वसीले के तौर पर इस्तेमाल कर रहें हैं यहां तक कि कुछ सूत्रों से यह भी पता चला है कि इस तरह के समूहों की संस्थापक ताजिकिस्तान सरकार ही है.
यह बताना आवश्यक है ताजिकिस्तान सरकार द्वारा विदेशों में छात्रों को इस्लामी शिक्षा लेने से रोकने के अलावा अभी नया नियम पारित किया जिसके कारण स्कूलों के 18 साल के कम आयु के नौजवान अपने धार्मिक कामों को अदा करने के लिऐ मस्जिदों में नहीं जासकते हैं.
821890