ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)मिस्र प्रकाशित अखबार 'अल-यौमुस्साबे" के अनुसार," ज़ियादुद्दीन सरदार "ऐशयाई मूल्य के लेखक और क़ुरानी शोधकर्ता द्वारा यह पुस्तक को संकलित किया गया है.
"तिलावते कुरान" के लेखक ने अपने नए लेखक के बारे में कहाःयह पुस्तक पश्चिम और इस्लामी समाजों के बीच अंतर को खत्म करने के उद्देश्य से लिखी गई है.
उन्हों ने कहाःपुस्तक तिलावते कुरान में प्रयास किया गया है कि पश्चिमी समाजों के नागरिकों को समझाया जाऐ कि मुसलमानों के निकट कुरान का दर्जा और महत्व,और इस्लामी देशों में उसकी भूमिका व मुसलमानों के दैनिक जीवन में इस दिव्य पुस्तक की भूमिका क्या है.
ज़ियादुद्दीन सरदार आगे कहते हैं: पवित्र कुरान दया और मनुष्य के बीच शांति भाईचारे का संदेश लेकर आया है और मुसलमानों को ख़ुद भी एक इल्हाम के स्रोत के रूप में समझना चाहिऐ और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिऐ उसकी व्याख्या नहीं करनी चाहिऐ.
इस संबंध में "Plam Hrvld" पश्चिमी साहित्य की प्रमुख आलोचक हस्ती ने इस नई पुस्तक के प्रकाशन के बाबत कहाःमुसलमानों के दैनिक जीवन में पश्चिमी देशों की कुरान की ओर से अज्ञान्यता जिहाल आमेज़ और कभी कभी खतरनाक है,इस लिऐ पुस्तक तिलावते कुरान पश्चिमी समाज की कुछ सांस्कृतिक जरूरतों को प्रदान करती है.823009