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कुरान पर न्यायशास्त्र के प्रावधानों की समीक्षा / 49

क़िराअते कुरान की वाजिब संख्या,नमाज़ में सूरऐ "Hamd" और ऐक पूरा सूरा पढ़ना/ बाक़ी कुरान पढ़ना मुस्तहब्बे मुवक़किदा हैः

6:09 - July 23, 2011
समाचार आईडी: 2157929
विज्ञान और सोच समूहः आयतुल्लाहिल उज़्मा सीस्तानी ने IQNA के ऐक सवाल कि क़िराअते कुरान की वाजिब संख्या,नमाज़ में क्या है के जवाब में कहा:नमाज़े वाजिब में सूरऐ "Hamd" और ऐक पूरा सूरा पढ़ना पहली और दूसरी रकत में और अन्यथा कुरान पढ़ना मुस्तहब्बे मुवक़किदा है.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)हौज़ऐ इल्मियह शाखा, आयतुल्लाहिल उज़्मा सीस्तानी ने IQNA के ऐक सवाल कि क़िराअते कुरान की वाजिब संख्या,नमाज़ में क्या है के जवाब में कहा:नमाज़े वाजिब में सूरऐ "Hamd" और ऐक पूरा सूरा पढ़ना पहली और दूसरी रकत में और अन्यथा क़िराअते क़रआन अनिवार्य नहीं है, लेकिन मुस्तहब्बे मुवक़किदा है लेकिन कुरान को सही क़िराअत के साथ पढ़ना चाहिए.
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