अंतर्राष्ट्रीय समूह: "फिलिप Barbaryan" शहर"लियोन" फ्रांस के बिशप ने कहा:शब्द "रहमान" भगवान के गुणों में एक गुण के रूप में, इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्मों के बीच संवाद की कुंजी के तौर पर होना चाहिऐ.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)वेबसाइट «Zenit»के हवाले से,शहर ल्यों के बिशप ने, 24 जूलाई को,चर्च "सात क़िदीस" शहर 'कोट Darmvr "फ्रेंच से अपनी वार्षिक मुलाक़ात के दौरान इस अभिव्यक्ति के साथ कहा: कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शब्द "रहमान"अन्य फ्रेंच बोलने वाले कैथोलिकों की ज़बान पर जारी नहीं होता,ऐसा लगता है कि कैथोलिक ईसाइ इस सुंदर शब्द से काम लेते हुऐ डरते हैं, जबकि यह शब्द तमाम शास्त्रों(आस्मानी किताबों) में है और धर्मों के बीच संवाद के लिऐ कुंजी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
इस फ्रांसीसी धार्मिक आधिकारी ने अपने भाषण के दूसरे हिस्से में कहा: जब भगवान की दया और उदारता पर विचार करें और सारे ईश्वरीय धर्मों के अक़ीदों की आपस में तुलना करें तो उस वक़्त फिर हम इस"रहमानियत" से बात करने में लाभ ले सकते हैं आज तमाम परमात्माई धर्मों के अनुयायियों का यह कर्तव्य है कि एक दूसरे के निकट आऐं और समकालीन समाज की समस्याओं की समीक्षा करें और मानवता को इसके पतन से बचाऐं.
831124