ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA) वेबसाइट"MBC» के हवाले से,नईना ने Reciters के एक समूह द्वारा उन्हें राष्ट्रपति व मिस्र की सरकार का क़ारी कहे जाने के आरोपों के जवाब में कहाः मैं केवल औपचारिक अवसरों के लिए क़िराअत करने के लिए बुलाया जाता था और मजबूर था कि पालन करूं.
उन्होंने कहा कि यह निमंत्रण संगठन और आयोजक उपकरणों द्वारा मुझे भेजा गया था, राष्ट्रपति द्वारा नहीं.
नईना अहमद,मिस्री Reciters के संघ के महासचिव ने बताया: उचित तौर पर जब किसी समारोह में उपस्थिति होता तो उस समारोह के मुताबिक़ आयतों का चयन व क़िराअत करता था जैसे राष्ट्रीय श्रम संबंधों में जीत के बारे में आयतों को और काम के बारे में काम व प्रयास से संबंधित आयतों को पढ़ता था.
नईना ने जॉर्डन में अपने ऐक अन्य संस्मरण का उल्लेख किया और कहाः कि जॉर्डन में रमज़ान मुबारक रातों के समारोह में क़ारीऐ कुरान के रूप में बुलाया गया था इससे पहले कि समारोह की शुरूआत आयाते क़ुरान की क़िराअत से करूं "हसन बिन Talal, "राजा हुसैन" जॉर्डन के पूर्व राजा के भाई जो अब जीवित नहीं हैं मेरे पास आऐ और कहा,सूरऐ नम्ल आयत न.34 «إِنَّ الْمُلُوكَ إِذَا دَخَلُوا قَرْیَةً أَفْسَدُوهَا»(जब राजा लोग, किसी शहर में दाख़िल होते हैं तो उसको बर्बाद कर देतो हैं और प्रियजनों को अपमानित करते हैं) की तिलावत ना करूं. .
अंतर्राष्ट्रीय मिस्री क़ारी ने कहा कि मैंने प्रतिक्रिया में उनसे कहा कि यह आयत "बिल्क़ीस"मुल्के सबा की महारानी द्वारा सुलैमान पैगंबर (अ.स) को संबोधित करते हुऐ कही गई थी और इस से जोर्डन के राजा लक्षित नहीं है (!).
उन्होंने कहा: हसन बिन Talal ने जवाब में कहा कि मैं जानता हूँ कि इस आयत से मुराद कौन है और किसके बारे में उतरी है लेकिन इसके बावजूद बेहतर कि इस आयत को ना पढ़ें.
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