ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)वेबसाइट अल आलम के हवाले से,जमीअते इस्लामी 'विफाक़ मिल्ली"बहरीन ने देश के लोगों से अंतिम मांगों के माने जाने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की .
बहरीन के विभिन्न क्षेत्र और गांव, देश की आजादी की सालगिरह के अवसर पर विरोध प्रदर्शन किऐ जाने के गवाह हैं और प्रदर्शनकारियों ने ग़ासिब सऊदी अरब बलों की वापसी की मांग की.
प्रदर्शनकारियों ने "मनामा" बहरीन की राजधानी में आले ख़लीफ़ा के अंत और ग़ासिब बलों की वापसी पर बल दिया और "सत्रह"में भी बहरीन नागरिकों और सिविल लोगों के दमन की नीति की निंदा की गई.
प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र "बोरी"में भी बहरीन के क्रांतिकारी युवाओं से देश पर शासी शासन के पराभव की मांग कीऔर "Aldyr"मे भी राजनीतिक बंदियों की स्वतंत्रता पर जोर दिया.
दरअसल, बहरीन ने 14 अगस्त 1971को अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की थी और ईरान वह पहला देश था कि स्वतंत्रता के एक घंटे के बाद,ही इस देश को अधिकारिक तौर पर मान्यता देदी थी.
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