ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)सीरिया में प्रकाशित समाचार पत्र 'अल वतन' के हवाले से,इस संबंध में सउदी युवाओं के एक समूह ने "ताला उम्रुक"(जीवित रहें ) नाम से इंटरनेट नेटवर्क पर एक सामाजिक वेब्साइट शुरू की है और उस पर निजी समस्याओं को पेश करने की योजना डाली है जिस पर देश के राजा परिवार पर लोगों के शोषण,उनकी अनदेखी करने और नागरिक अधिकारों का उल्लंघन करने के कारण के गंभीर रूप से आलोचना हो रही है.
सऊदी युवा इस हिस्से में गरीबी की समस्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शहरी बेरोजगारी और सऊदी अरब में स्वतंत्रता के दमन को उल्लेख किया गया है.
इसके अलावा सऊदी समाज विभिन्न समूहों ने इस भाग में देश के मुद्दों और खबरों, कैदियों की स्थिति और शाही परिवार द्वारा किऐ जारहे अत्याचारों की समीक्षा की जा रही है और भविष्यवाणी की जा रही है यह बात सऊदी अरब में एक क्रांति का कारण हो सकती है.
वेबसाइट "कलेमतुना" (हमारे शब्द) के अनुसार जो कि सऊदी युवाओं की गतिविधियों को ट्रैक करती है एक सबसे स्पष्ट बयान जो "ताला उम्रुक" (जीवित रहें) में है यह कि "लोग दुनिया में स्वतंत्रत आऐ हैं वे क्यों उन्हें ग़ुलाम बना रहे हैं ?
राजनीतिक कार्यकर्ता "ताला उम्रुक" हिस्से में सऊदी अरब,को दुनिया में स्वतंत्रता का दमन करने वाले देशों में एक सबसे बड़े देश के रूप में परिचय करा रहे हैं और 'अब्दुल्ला बिन अब्दुल अज़ीज़"सउदी राजा,से इस देश में गरीबी के बारे में प्रश्न कर रहे हैं और कहते हैं कि जब सउदी के लोग गरीब हैं तो वह विदेशी नागरिकों की वित्तीय सहायता क्यों करते हैं?
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