ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)वेबसाइट "अल मनार"के हवाले से, प्रतिरोध आंदोलन हिजबुल्लाह लेबनान ने परसों 5 सितम्बर को एक बयान जारी करके, यहूदी शासन द्वारा गाजा नाकाबंदी तोड़ने वाले नौसेना काफिले और स्वत्रंता कार्वां पर हुए हमले जिसमें तुर्की के 9 लोग शहीद हो गए थे,के बारे में संयुक्त राष्ट्र की जारी रिपोर्ट की निंदा की.
हिज़्बुल्ला ने अपने बयान में कहाःयह संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बेशर्माना तौजीह है कि यहूदी शासन द्वारा गाजा की नाकाबंदी जारी रखने के लिए ऐक तरह की वैधता देना चाहते हैं.
इस बयान में आया है संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसी तरह के रुख की उम्मीद थी, क्यों कि अतीत में यहूदी अत्याचारों की इस संगठन की ओर से कभी नहीं निंदा की गई.
हिजबुल्लाह,ने अंत में जोर दिया कि सभी देशों को यह मालूम होजाना चाहिऐ कि समस्याओं को हल करने के लिए ख़ुद कार्रवाई करना पड़ेगी और उनके हित व फ़ाएदे केवल उन्हीं के क़दम उठाने व आंदोलन में छिपे हैं और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मंचों पर जो केवल यहूदी शासन के नेताओं के लिए ट्रिब्यून में बदल गऐ हैं भरोसा नहीं करना चाहिए क्यों कि संयुक्त राष्ट्र मध्य पूर्व में केवल इसराइल को जानता है और उसी के हितों व अधिकारों के प्रति सम्मान का क़ाएल है.
855593