ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) वेबसाइट «ISESCO»के हवाले से , यहूदी शासन द्वारा बसाऐ गऐ गांव वालों के ज़रये सोमवार 5 सितम्बर को नेबलुस के दक्षिण में पश्चिमी तट पर स्थित गांव «Qsrh" की मस्जिद में आग लगाऐ जाने और उसकी संपत्ति को नष्ट करने के तुरंत बाद ISESCO संगठन ने ऐक कथन में इस कार्रवाई को मानव अधिकार,अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र,सुरक्षा परिषद और यूनेस्को का स्पष्ट उल्लंघन बताया है.
संगठन ISESCO ने इस कथन में, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को फ़िलिस्तीनी नागरिकों और मक़्बूज़ा भूमि पर इस्लामी स्थानों पर हमलों तथा अनादर को रोकने के लिऐ यहूदी शासन पर दबाव बनाने के लिऐ आमंत्रित किया ऐवं मस्जिद और मुसल्मानों के पूजा स्थान को जलाना, इसराइल की नस्लवादी नीतियों में बताया.
इस बयान के अंतिम भाग में मक़्बूज़ा भूमि में मस्जिदों को जलाना यहूदी शासन के जातिवादी नीतियों से है कि मुसलमानों के पूजा स्थलों पर हमले का साहस यहूदी बसने वाले और यहूदी चरमपंथियों को दिया है अगर सह्यूनी हुकूमत ने इन कार्वाइयों का समर्थन न किया होता तो गांव वाले अपने आप को कभी भी मस्जिद के अपमान करने की इजाज़त न देते. 856200