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काहिरा में इसराइली दूतावास पर हमला फ़िलिस्तीनियों की रिहाई शीघ्र

11:06 - September 12, 2011
समाचार आईडी: 2185623
अंतर्राष्ट्रीय समूह: राजनीतिक विश्लेषकों ने काहिरा में यहूदी शासन के दूतावास की दीवार के विनाश को कब्जा किए गए क्षेत्र में जातिवाद की दीवार नष्ट करने की शुरूआत बताया और फ़िलिस्तीन की शीघ्र ही आज़ादी और सभी मुस्लिम देशों को औपनिवेशिक आधिपत्य के चंगुल से आज़ाद जाना है
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)ने न्यूज नेटवर्क अल आलम के अनुसार उद्धृत किया कि मिस्र की सैन्य परिषद ने इस देश के प्रधानमंत्री"इस्लाम शरफ,के इस्तीफे की मुख़ालफत की है इन ख़बरों से पहले ईसाम शरफ के इस्तीफा देने के फैसले की समीक्षा के लिए मिस्र की सरकार की बैठक के बारे में खबर प्रकाशित हुई थी
9 सितम्बर शुक्रवार की सुबह मिस्र में स्थिति लगातार बदल रही थी संभावना थी कि काहिरा में यहूदी शासन के दूतावास के खिलाफ संघर्ष में विदेशी पार्टियों द्वारा समर्थन किया गया था यहूदी शासन के दूतावास के मुक़ाबले में गंभीर संघर्ष के बाद इस जगह लगभग स्थिति शांत थी
कल मिस्र के सैन्य वाहनों की तरफ से यहूदी शासन के दूतावास के सामने कुछ लोग जो सामान्य रूप से पुलिस स्टेशन"अल जीज़ेह"की तरफ जा रहे थे पत्थर फेंक दिया जिससे गंभीर संघर्ष हुआ और मिस्र की सेना ने टकराव रोकने के लिए हस्तक्षेप किया
अल आलम की रिपोर्ट के अनुसार वह लोग जो यहूदी शासन के दूतावास के क़रीब मौजूद थे मिस्र की पुलिस से भिड़ गए
हजारों मिस्रियों ने शुक्रवार को यहूदी शासन के दूतावास के सामने सीमेंट की दीवार को नष्ट कर दिया और युवा लोगों में से एक ने इस शासन के झंडे को दूतावास की बिल्डिंग से नीचे लाने में कामयाब हो गए.
मिस्र के विभिन्न समूहों ने इस दीवार के विनाश में भाग लिया और यहूदी शासन के दूतावास के ख़िलाफ"अल्लाहो अकबर"और"ख़ैबर ख़ैबर ऐ यहूदी, मुहम्मद(स0अ0)की सेना यहाँ है, के नारे लगाए
मिस्र के एक नागरिक ने खबर चैनल अल आलम के साथ एक साक्षात्कार में कहा: कि"मैं 3 दिन से बीमार हूं और आज मैं उस समय समझा कि हमारे युवा इजराइल के दूतावास के सामने की दीवार नष्ट करने जा रहे हैं परवरदिगार मुझे शक्ति दे ताकि इस दीवार के विनाश में भाग ले सकूं
विश्लेषकों ने कहा कि यहूदी शासन के दूतावास की दीवार नष्ट हो गयी है और इस शासन के ध्वज को नीचे कर दिया है और उसे आग लगा दी है मिस्र के लोगों की तरफ से सेना परिषद और यहूदी शासन के लिए स्पष्ट संदेश था इस संदेश में मिस्र की ज़मीन पर यहूदियों की उपस्थिति की पूरी तरह से मुख़ालफत की गई है
मिस्र के अन्य नागरिक ने भी अल आलम से कहा: कि"हम इसराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका और किसी भी देश के दबाव में नहीं आयेंगे आज से मिस्रियों ने अपनी स्वतंत्रता ख़ुद प्राप्त की है
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