ईरानी कुरान समाचार एजेंसी(IQNA)वेबसाइट «cpi»के हवाले से, इस्लामिक जिहाद आंदोलन के इस आधिकारी ने इस बयान के साथ कहाः कि मिस्र और अरबी देशों में यहूदी शासन के दूतावास जासूसी के अड्डे हैं जो सरकार और लोगों के बीच तनाव पैदा करने भूमिका रखते हैं.
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को काहिरा, मिस्र की राजधानी में इसराइली दूतावास के आस पास की दुर्घटना,मिस्र के लोगों में मक़्बूज़ा Qods पर्शासन के साथ"कैम्प डेविड" समझौते पर जो "क्षेत्र में शांति ' के बहाने हस्ताक्षर हुऐ थे दर्द और बेचैनी का संकेत है.
अहमद मुदल्लल"भाषण के दूसरे हिस्से में अरबी देशों से जो कि यहूदी शासन के साथ राजनीतिक संबंध रखते हैं,इस शासन के साथ उन संबंधों को तुरंत तोड़ने की अपील की.
इस्लामिक जिहाद के नेता ने अंत में जोर दिया मिस्र और फ़िलिस्तीन देशों के बीच मित्र जैसे संबंध जारी रहेंगे और मिस्र के लोग,हमेशा की तरह मक़्बूज़ा ज़मीनो की मुक्ति का समर्थन करते रहेंगे.
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