ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)लंदन में प्रकाशित समाचार पत्र "अल कुद्स अल अरबी"के अनुसार, "अली Aljhymy"ऐक मिस्री नागरिक ने परसों प्रांत"पूरसईद"की एक मस्जिद में शुक्रवार की नमाज उपदेश के दौरान अली जुमा को कोसा और अपमान किया गया और उनको मुनाफ़िक़ तथा पूर्व शासन के (होस्नी मुबारक) के अवशेष में कहा गया.
इस मिस्री नागरिक ने इन वाक्यांश के साथ कि"तू मुनाफ़िक़,और होस्नी मुबारक शासन के रिश्तेदारों में है" मिस्र के मुफ्ती को संबोधित किया,और उस पर हमला किया,कि नमाज़ियो के हस्तक्षेप से संघर्ष समाप्त हुआ और मिस्री नागरिक मस्जिद के बाहर स्थानांतरित कर दिया गया.
मिस्र के मुफ्ती ने इस हमले के बाद शुक्रवार की नमाज के धर्मोपदेश को जारी रखा और कहा कि जो राष्ट्र फ़ितना फैलाऐ कुरान और Sunnah के अनुसार, शापित हैं.
रिपोर्ट के अनुसार,मिस्र के कई विद्वान भी इस से पहले मिस्र के पूर्व शासन की नीति के समर्थक होने के कारण लोगों के विरोध व क्रोध का शिकार हुऐ हैं जैसे "मोहम्मद सैयद Tntavyपूर्व शेख़ अल अजहर, जो 10 साल पहले ऐक मिस्री नागरिक के हमले के बाद जॉन बचा ले गऐ.
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