इंटरनेशनल ग्रुप: बहरीनी शुक्रवार उपदेशक ने परसों, 21 अक्टूबर,को मुअम्मर गद्दाफी,लीबिया के तानाशाह की क्रांतिकारियों के हाथों से हत्या को दुनिया के तानाशाह शासकों के लिए रेखांकित किया और कहा: अमेरिका अरबी देशों के लोकतंत्र और पीपुल्स क्रांति का मुख्य विपक्षी क्योंकि यह क्रांतियां अमेरिकियों के हितों के ख़िलाफ़ हैं.
ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA)वेबसाइट Alvafaq के हवाले से, अयातुल्ला शेख "ईसा कासिम"मस्जिद ' इमाम Sadeq(अ.स.)" क्षेत्र "Aldraz »बहरीन के शुक्रवार उपदेशक,ने अरबी देशों में मुक्ति आंदोलनों के मुक़ाबिल अमेरीकी स्थिति की निंदा की और कहा:अरबी देशों की क्रांतियों से अमेरीका की असहमत,केवल अमेरीकी वित्तीय लाभ का इन क्रांतियों में साकार ना होना है.
अयातुल्ला ईसा कासिम ने आगे उपदेश में अरब शासकों को मुअम्मर गद्दाफी की तरह अपनी तारीख़ लिखने से संबंधित चेतावनी दी है और कहा कि गद्दाफी की हलाकत पाठ्यक्रम और सबक़ है क्रूर और तानाशाह शासकों के लिए,जो कि अंततः मिल्लतों के सामने मजबूर होकर रह जाऐंगे.
बहरीनी शुक्रवार के Khatib ने इसी तरह कहा: कितना सच है कि कुछ अरबी सरकारें दूसरों के सिस्टम के सुधार और बदलाव के लिए बात करें जबकि ख़ुद उन्हें हर हुकूमत की तुलना में अधिक सुधार की जरूरत है.
अंत में उन्होंने बहरीन के जेलों की चर्चा करते हुएकहा: हर दिन इन जेलों में बंदियों की संख्या बढ़ती जारही है यहां तक कि इन जेलों में महिलाओं की हालत अधिक शोचनीय है, जबकि आले खलीफा शासन महिलाओं के अधिकारों के सम्मान की बात करता है.
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