ईरानी कुरान समाचार एजेंसी (IQNA) अखबार«Almasry Alyoum»के अनुसार, शरीफ कामिल,एक मिस्री अदालत के न्यायाधीश ने कहाःऐमन Yousef मंसूर की कार्वाई, फेसबुक पर एक पेज बनाने और इस्लाम और पैगंबर (PBUH) के खिलाफ अभिव्यक्ति का बयान, राष्ट्रीय एकता के लिऐ खतरा है और अदालत इस कार्वाई को "इस्लाम का अपमान' समझते हुऐ मिस्री कानून के आधार पर एक अपराध के रूप में मानती है.
यह दूसरी बार है कि मिस्री कोर्ट ने,धारा 98 अनुच्छेद के अनुसार,ऐक व्यक्ति को धर्म का अपमान करने पर साइबरस्पेस में दंड दे रही है.
मिस्री धारा 98 अनुच्छेद के अनुसार, जो भी मौखिक,लिखित या किसी अन्य तरीक़े से कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने का काम करता है और यह कार्वाई अराजकता या धर्मों और उनके अनुयायियों की अवमानना, या उपहास करता अथवा राष्ट्रीय एकता को खतरे में डालता है तो 6 महीने से 5 साल तक जेल या 500 लीरा की न्यूनतम वेतन के भुगतान की सजा मिलेगी.
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